अब पेट्रोल में होगा बड़ा बदलाव! 2027 तक लॉन्च होगा E21 Fuel, आपकी कार और माइलेज पर पड़ेगा सीधा असर

भारत में पेट्रोल जल्द पहले जैसा नहीं रहने वाला है। सरकार अब ऐसा फ्यूल लाने की तैयारी में है, जिससे देश का तेल आयात कम होगा और किसानों को बड़ा फायदा मिल सकता है।

फिलहाल देश में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन अब सरकार अगले चरण की तैयारी में जुट गई है। आने वाले वर्षों में E21 और फिर E25 फ्यूल लागू करने का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसका असर सीधे ऑटो सेक्टर और आम वाहन मालिकों पर दिखाई देगा।

क्या है सरकार का नया प्लान?

भारत सरकार 2027 तक E21 पेट्रोल लॉन्च करने पर काम कर रही है। इसका मतलब होगा कि पेट्रोल में 21 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाएगा। इसके बाद साल 2029 तक E25 फ्यूल लाने की योजना भी बनाई जा रही है।

सरकार का मानना है कि इससे देश की विदेशी तेल पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। ब्राजील जैसे देशों में पहले से हाई इथेनॉल ब्लेंडिंग का इस्तेमाल हो रहा है और भारत भी उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

क्यों बढ़ाया जा रहा है इथेनॉल ब्लेंडिंग?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल सरकार के लिए बड़ी बचत का जरिया बन रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, E20 लागू होने के बाद ही देश को सालाना करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है।

इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और खराब अनाज से तैयार किया जाता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है। खासतौर पर मक्का उत्पादन करने वाले किसानों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है।

आपकी कार पर क्या असर पड़ेगा?

सरकार इस बदलाव को धीरे-धीरे लागू कर रही है ताकि ऑटो कंपनियों को इंजन और फ्यूल सिस्टम अपडेट करने का पूरा समय मिल सके। आने वाले समय में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन बाजार में तेजी से बढ़ सकते हैं, जो E20 से लेकर E85 और E100 तक के फ्यूल पर चल सकेंगे।

हालांकि, हाई इथेनॉल ब्लेंडिंग का असर माइलेज पर भी पड़ सकता है। इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल से कम होती है, इसलिए ज्यादा इथेनॉल वाले फ्यूल में गाड़ियों का माइलेज थोड़ा घट सकता है।

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ऑटो सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?

सरकार का यह कदम ग्रीन एनर्जी मिशन का बड़ा हिस्सा माना जा रहा है। इससे प्रदूषण कम करने, किसानों की कमाई बढ़ाने और देश की तेल आयात लागत घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में फ्लेक्स-फ्यूल और इथेनॉल बेस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है।

लेखक: Akshay Saini
श्रेणी: Auto
प्रकाशित तिथि: 13 मई 2026

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